तड़प क्या होती देखकर समझना मुश्किल।
जिसके पास यादें उसे खुश करना मुश्किल।।
चाय के कप से भाप लेना मुझे अच्छा लगता।
यकीनन अब आग्रह पर हुआ जाना मुश्किल।।
धीरे-धीरे ही उसकी अहमियत शून्य होती रही।
बदकिस्मती से पूर्ण समर्पण कर पाना मुश्किल।।
उसके न होने से 'उपदेश' इतनी सी कमी रहती।
तकती आँखों में आस बसी नमी आना मुश्किल।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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