जिस दिन तुम्हारी बाहों में
इक ठंडक सी एहसास होगी
हर मौसम मनभावन होगी
ऋतुएँ हर मधुमास होगी
उस दिन से समझेंगे कि
हमको प्यार हुआ है....
प्रीत पुष्प हो प्रीत सुगंधि
प्रीत मधु का हो प्याला
प्रीत सुधा रस पी पीकर
जब हो जाएंगे मतवाला
तब से समझेंगे कि अब तो
हमको प्यार हुआ है.....
जल पर पड़ती कुंदन किरणें
जब आंखों को छेड़ेगी
पल भर बंद होगी आंखें
छवि तुम्हारी दिखेगी
मान ही लेंगे कि अब तुमसे
हमको प्यार हुआ है.....
हृदय सिंधु से प्रेम लहर की
उठने लगेगी चक्रवात
उमड़ घुमड़ के प्रेम की बदरी
करेंगे जब प्रेम बरसात
तब होगा एहसास कि
हमको प्यार हुआ है.....
बुलबुल के तानों के संग संग
अपनी तान मिलाने लगेंगे
कोयल की मीठी प्रणय गीत संग
कुहू कुहू खुद गाने लगेंगे
तब होगी मन को यकीन कि
हमको प्यार हुआ है.....
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







