इंसान,फल-फूल,
पेड़-पौधे पशु-पंछी
सबमें नई जान
आ जाती है
जब हवाएं अपनी
खुशबू बिखेरती हैं
सुबह की शीतल हवा
हमारे लिए अद्भुत दवा
जो तन को दे ताज़गी और
मन को करे पावन
भोर की यह शांति
संजीवनी जैसी है
सुबह-सुबह रवि की
पहली किरणें हर ओर
सकारात्मकता बिखेर देती हैं
और इसका प्रखर प्रकाश
जीवन का नया सवेरा है
सुबह-सुबह जब चलती है
यह शीतल हवा
मन को तरोताजा कर
ऊर्जा भर देती है
जैसे कोई जादू की दवा
सुबह की शीतल हवा में
अद्भुत नूर होता है
आलस्य दूर होता है
ऊर्जा,उत्साह,उमंग
भरपूर होता है
छूकर मन को जो गुजरे
वो सुकून की घटा है
जीवन को भी जीवन
देती यह शीतल हवा है
जीवन में नव-जीवन भरती
यह शीतल हवा है
ठंडी हवाएं
चिड़ियों का गान
सुबह का सवेरा है
सेहत का वरदान
सुबह की हवाएं
भरपूर प्यार लुटाती हैं
मन में प्रसन्नता का
अमृत घोल देती हैं
खुशियों में मगन
अम्बर और अवनी
सुबह की हवा है संजीवनी
प्रकृति की चमक
आंखों को सुकून
और रूह को एक
अलौकिक एहसास देती है
फूलों में भी आ जाती है
खूबसूरत हसीं नज़ाकत
जब हवाएं दिखाती हैं
अपनी कोमल,कमसिन शराफत
सुबह की शीतल हवा
हमारे लिए अद्भुत दवा
जो तन को दे ताज़गी और
मन को करे पावन।।
-ममता तिवारी


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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