रिश्ते तो आज हैं कल नहीं होंगे ।
उन्हें निभाएँ या नहीं निभाएँ ,
याद रखिए हम सब इंसान पहले हैं ,
इसलिए इंसानियत ज़रूर निभाएँ ।
वन्दना सूद
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
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रिश्ते तो आज हैं कल नहीं होंगे ।
उन्हें निभाएँ या नहीं निभाएँ ,
याद रखिए हम सब इंसान पहले हैं ,
इसलिए इंसानियत ज़रूर निभाएँ ।
वन्दना सूद
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