शादी के बाद लफ्ज़ जुबान तक आकर लौट गए।
मगर आँखें तलाशती रही खोई मोहब्बत दिन गए।।
मन उदासी आठ पहर की बेचैनी छुपाने का खेल।
स्त्री में ही नही पुरुष में भी इसके आसार देखे गए।।
दो दिल और एक मुड़ती हुई सड़क शादी के पहले।
शादी के बाद लफ्ज़ जुबान तक आकर लौट गए।।
ज्यादातर कदम आगे बढ़ जाते और पीछे छूटता।
उसको ढूँढने में 'उपदेश' जिंदगी के दिन गुजर गए।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







