बचपन ख्वाब बन गया शादी के आगे।
प्यार ठहरता ही नही पीड़ाओं के आगे।।
हज़ार शिकायतें दिल की सुनाऊँ किसे।
गले लगने की तलब कहें किसके आगे।।
भींग जाती इस कदर डूब कर यादो में।
मन संभालूँ कैसे गृहस्थी बोझ के आगे।।
प्रेम समझने के लिए साँसे टकराये जरा।
वायदे धराशाई से लगते बीमारी के आगे।।
जिस चेहरे पर दांव लगाया वह हार गई।
कशिश ख्यालो में रोती 'उपदेश के आगे।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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