सीने में धड़कन है,
धड़कन में सांसें है,
सांसों में है,
खुशबू तुम्हारी
दिल में जो हसरत है
हसरतों में आहट है
आहटों में है
आरज़ू तुम्हारी
बागों में फूलों का
भी मुस्कराना
डालियों में कलियों
का खिलखिलाना
भौरों का गुन गुन
गुन गुनगुनाना
सबमें भरी है
जुस्तजू तुम्हारी
लगती सुहानी है
पूनम की रातें
करती हैं आंखें
सितारों से बातें
करवट बदलते
गुजरती है रातें
बन गई जीवन की
पहलू हमारी ......
वो चंचल सी तितली
के पंखों में तुम हो
दरिया से उठती
लहरों में तुम हो
सूरज से निकली
रंगों में तुम हो
छुटती नहीं अब
पल्लू तुम्हारी..….......
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







