सत्य का स्वर
डॉ. एच सी विपिन कुमार जैन "विख्यात"
मत बोलो झूठ कभी, वाणी में रखो सच्चाई।
ईश्वर तो सुनता है हर पल, रखता सबकी गहराई।।
छिपा नहीं कुछ भी उससे, अंतरमन की हर बात।
झूठ की नींव है कच्ची, टिक न पाएगी तात।।
पल भर का सुख दिखलाए, अंत में दुख ही देगा।
सत्य की राह कठिन हो, पर शांति चिरस्थायी लेगा।।
अंतर की आँखें खोलो, देखो सच का प्रकाश।
झूठ के अंधेरे में भटकोगे, मिटेगा न कभी त्रास।।
जो मन से है पवित्र, उसकी वाणी में है दम।
ईश्वर भी सुनता उसकी, हर प्रार्थना में है दम।।
इसलिए हे मन प्यारे, सत्य का ही तू गा गान।
झूठ के बंधन से छूटेगा, पाएगा तू सम्मान।।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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