अंधेरा तब भी था, उसकी सरकार में
अंधेरा अब भी है, इसकी सरकार में,
रौशनियां ढूंढ रहें, जनता भुगत रही है
वो जाएं तो, कहां, किसकी सरकार में।
सिंहासन बदलें हैं,राजा बदलें हैं,बस,
राजनीति नहीं बदली, किसीकी सरकार में।
हिंसा जारी रहा,अंतर क्या होगा, फिर,
तब की सरकार में,अब की सरकार में।
सुलगता बंगाल अब, शांत हो जाएगा,
यही उम्मीद है,बस,अबकी सरकार में।।
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







