समय पानी के प्रवाह जैसे
हम जितना पास रहना चाहते
उतना दूर चली जाती
समय और पानी को पकड़ न सकते
सिर्फ महसूस होकर उपयोग कर सकते ॥

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
समय पानी के प्रवाह जैसे
हम जितना पास रहना चाहते
उतना दूर चली जाती
समय और पानी को पकड़ न सकते
सिर्फ महसूस होकर उपयोग कर सकते ॥
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