सेहत और पर्यावरण का पैगाम
शिवानी जैन एडवोकेट Byss
न धुएँ का झंझट है इसमें, न पेट्रोल का कोई रोना,
साइकिल चलाना तो है कुदरत के करीब होना।
धरती को अगर प्रदूषण के ज़हर से बचाना है,
तो हम सबको फिर से साइकिल को अपनाना है।
जिम की महँगी मशीनों से कहीं बेहतर ये व्यायाम है,
जो रखे दिल को दुरुस्त, इसका ऐसा काम है।
साँसें महकेंगी और बदन में नई ऊर्जा आएगी,
जब रोज़ सुबह ये सड़कों पर दौड़ती जाएगी।
ये सादगी की मूरत है, तरक्की की नई राह है,
इसे चलाने वाले को बस सेहत की परवाह है।
चलो आज इस दिवस पर एक छोटा सा संकल्प लें,
कम दूरियों के लिए, साइकिल को ही पहला विकल्प लें।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







