कि तुझे भी एक दिन बेकरार ना कर दूं तो कहना
तुझ से तेरे दिल को फरार ना कर दूं तो कहना
निकलती होगी बाहर तू बेशक नजरे झुका कर
मैं तुझसे निगाहें दो चार ना कर दूं तो कहना
हम किसी खेल के कोई खिलाड़ी तो नहीं प्रिय
पर तुझ पर कोई चमत्कार ना कर दूं तो कहना
तू बादलों में छुपा चांद है,ना मैं भी कहीं प्रसिद्ध हूं
तेरे छोटे से नाम को समाचार ना कर दूं तो कहना
कोई तकता है तेरी राहों को इतना भी अंजान ना बन
कल तुझे भी पागल ए इंतिज़ार ना कर दूं तो कहना
नीटू मावी


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







