पाप से रहैं दूर- डॉ एच सी विपिन कुमार जैन "विख्यात "
लोभ, लालच, और क्रोध की आग,
जलाती है मन को अंदर से।
नहीं सोचते परिणामों का,
बस करते जाते हैं पापों का लेन-देन।
सत्य बोलना, दया करना,
ये हैं पुण्य के बीज।
इनको बोने से मिलता है सुख,
और जीवन होता है आनंदित।
माता-पिता का आशीर्वाद,
गुरु का मार्गदर्शन।
ये हैं जीवन की सच्ची दौलत,
इनको पाकर जीवन होता है पूर्ण।
पाप का फल कड़वा होता है,
इसलिए पाप से दूर रहो।
सदाचारी बनो,
सत्य का मार्ग अपनाओ, तभी जीवन होगा सुखमय।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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