नए साल का सूरज ऐसा देदीप्यमान हो
चमक उठे हर ज़िंदगी तम का न कोई स्थान हो
रब करे नूतन और अधूरे सपने पूरे हों सभी के
कर्म करें हम ऐसा जिसका उद्देश्य महान हो

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

Show your love with any amount — Keep Likhantu.com free, ad-free, and community-driven.
The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
नए साल का सूरज ऐसा देदीप्यमान हो
चमक उठे हर ज़िंदगी तम का न कोई स्थान हो
रब करे नूतन और अधूरे सपने पूरे हों सभी के
कर्म करें हम ऐसा जिसका उद्देश्य महान हो
© 2017 - 2026 लिखन्तु डॉट कॉम