क्या चाहत है हमारी ये छुपाएंगे नहीं,
खुलकर इस जहां के आगे इसका इज़हार करेंगे।
हर लड़की एक दिन अपनी मर्ज़ी से जिएगी,
देखना एक दिन ऐसा नवाचार करेंगे।
जब तक ना मिलेगा उन्हें उनका हक,
तब तक हम कोशिश बार - बार करेंगे।
आज भले ही उस नारी के मन में भी
ग़लत विचार है मेरे लिए,
पर जब हम ये कर लेंगे, सभी हम पर एतबार करेंगे।
हमे कितना सहना और सुनना पड़ा
पर हमें कोई परवाह नहीं,
क्योंकि हम आने वाली बेटियों की ज़िंदगी
गुलज़ार करेंगे।
💐 रीना कुमारी प्रजापत 💐
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







