ऐ थारो जोगी हूँ पुरानों,
मने हृदय सूं लगा लें,
ऐ थारो रोगी हूँ पुरानों,
मने थोड़ी दवा दे,
ऐ मारा टूटे रा दिलड़ा में है,
नाथ जगन्नाथ,
ऐ मारा टूटे रा दिलड़ा का,
नाथ जगन्नाथ,
आओ तो आओ मने हृदय में बसा,
आओ तो आओ मने प्रेम बना दो,
आओ तो आओ मारी प्रीत जगा दो,
आओ तो आओ मारी राख बना दो,
ऐ थारो मुखड़ों मन में बसो है यो रूपालों,
ऐ थारो मनडो है यो जगत लागे रूपालों,
ऐ मारा प्यारा सा दिलडा में राज करें,
नाथ जगन्नाथ,
ऐ मारा छोटा-सा दिलडा का खास जगन्नाथ,
नाथ जगन्नाथ,
आओ तो आओ मने हृदय सूं लगा लो,
आओ तो आओ मारी जान बचा लो,
आओ तो आओ मने हृदय सूं लगा लो,
नाथ जगन्नाथ,
आओ तो आओ मारी अँखियां रुला दो,
आओ तो आओ मारा जगन्नाथ,
नाथ जगन्नाथ।।
- ललित दाधीच


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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