नहीं रहता है कुछ भी इसलिए सब कुछ रहता है,
रहता है जहां कुछ भी वहां कुछ नहीं रहता है।
नहीं है इसलिए है होना,
हो जो है वो नहीं होता,
करता है पर वो हो नहीं सकता,
वो होता है इसलिए करता है।
- ललित दाधीच

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
नहीं रहता है कुछ भी इसलिए सब कुछ रहता है,
रहता है जहां कुछ भी वहां कुछ नहीं रहता है।
नहीं है इसलिए है होना,
हो जो है वो नहीं होता,
करता है पर वो हो नहीं सकता,
वो होता है इसलिए करता है।
- ललित दाधीच
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