वही बचपन वाली शिकायत करने का मन करता है,
मां, तुमसे,अब भी, शरारत करने का मन करता है।
आंचल में गांठ बांधकर दो चार सिक्के रख ले न,
चुपके से चुराकर, गायब करने का मन करता है।
तुम डांटती थी, तुम्हीं से लिपटकर रोया करता,
उसी तेवर का, स्वागत करने का मन करता है।
मां,सच में मैंने कुछ नहीं किया, दीदी से पूछ लो,
वही दिखावटी वाली,शराफत करने का मन करता है।
गलतियां और धमकियां सिर्फ तुम्ही सह सकती हो,
इसीलिए फिर से, हिमाकत करने का मन करता है।।
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







