मैं एक सफ़र में हूँ
सपनों की इस दुनिया में
अपनी मंजिल की ओर बढ़ता
आत्म-चिंतन करता
अनंत की ओर चलता
मैं एक अनजाने सफ़र में हूँ।
कभी तनहा
कभी हमराही संग
तो कभी यादों के सहारे
समय की धारा में बहता
मैं एक अनजाने सफ़र में हूँ।
इच्छाओं की पगडंडी पर चलता हुआ
संघर्ष के इस पथ से जूझता
थककर सत्य को खोजने निकला
अपने अंतः पथ की ओर बढ़ता
आज फिर मैं एक अनजाने सफ़र में हूँ।
वन्दना सूद
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







