संकट सा कुछ एहसास हुआ ,
मन मे कुछ आभास हुआ ,
माथे पर आया पसीना मेरे ,
धड़कन भी जाने तेज हुई ,
काल को आते देखा मैंने ,
जाने कैसा एहसास हुआ ,
मां कि ममता जाग उठी ,
बेटे को आंचल में छुपा बैठी ,
आख़िरी समय तक लड़ती रही ,
काल से मैं कहती रही ,
चाहे ले लो प्राण मेरे ,
बेटे को मेरे बख़्श दे तू ,
काल ने मेरी एक ना सुनी ,
ले लिए प्राण काल ने हमारे ,
आंचल ना मेरा ढीला हुआ ,
बेटा उसमे छिपा रहा ,
जीत हुई हो चाहे काल की ,
हार मेरी भी ना हुई ॥


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







