तुम मेरे द्वारा उकेरी गई,
सबसे चर्चित कविता हो।
जिसमें छंद, अलंकार, नुक्ता सब है,
मगर मैंने शब्द नहीं दिए।
करुण, श्रृंगार, वात्सल्य सब है,
लेकिन कहीं चित्रित नहीं किया।
बिंब, प्रतीक, लय सब है,
लेकिन किसी पन्ने पर,
अंकित नहीं किया।
भाषा, शैली, भाव, तान सब है,
लेकिन किसी स्वर में,
नहीं ढालना चाहा।
वो महकते पदचाप तुम्हारे,
मेरी रचना को पूरा करते है।
और मैं बातें करने लगती हूँ,
तुम्हारे मुखरित मौन से ।
पल्लवी श्रीवास्तव
ममरखा, अरेराज,पूर्वी चम्पारण (बिहार)


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







