कुछ शब्द
- सुबह हुई और फूल जाग गए
पर सपनों में मिठास अभी भी ताजा है
किसी ने मेरे लिए चाँद भेजा है सपनों में
नींद में ही मेरे होंठों पे रोशनी छा गई ।
2) होठों पे कुछ लिखा नहीं रहता
फिर भी मैं समझ जाती हूँ तेरी वाणी को
अजीज का दिल न जाने तो प्रियतम कैसे बनीं ?
3) सुकून की हवा चल रही है जिंदगी में
साँसे भी कम पड़ने लगी तन में ।
4) आँसुओं को चोरी नहीं किया जा सकता
क्योंकि वे तिनके से कम, पृथ्वी से भारी बोझ लगते हैं ।
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