किसी के दर्द को जानने से पहले
अपने अहं को भूल जाना।
बेशक हाथ न थाम पाओ
पर टूटे हुए दिल को
और नहीं सताना॥
वन्दना सूद
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
सर्वाधिकार अधीन है

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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किसी के दर्द को जानने से पहले
अपने अहं को भूल जाना।
बेशक हाथ न थाम पाओ
पर टूटे हुए दिल को
और नहीं सताना॥
वन्दना सूद
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