खामोशियाँ बहुत गहरे सवाल करती हैं अक्सर
गर जवाब नहीं तो बड़ा बवाल करती हैं अक्सर
लोग जब चीखते हैं चिल्लाते हैं गला फाड़कर
दिल को ऐसी आवाज बेहाल करती हैं अक्सर
कभी घोड़ा कभी हाथी कभी भालू कभी कौआ
बच्चे की तोतली बातें निहाल करती हैं अक्सर
तेरे घर के पास मेरा घर खड़ा है गुमसुम उदास
तेरी खुली हंसी हमें मालामाल करती है अक्सर
इस महफ़िल में शामिल दास का ख्याल रखना
साकी तिरछी नजरें यहां धमाल करती है अक्सर. .


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







