हमें कहने को तो है बहुत पनाह शब्दों की,
पर कभी-कभी वो शब्द हमारे मन को पनाह नहीं देते।
कुछ दिला देना उनको जज्बात में,
पर कभी-कभी वो लेना नहीं जान पाते जिंदगी की दुआएं।
- ललित दाधीच

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
हमें कहने को तो है बहुत पनाह शब्दों की,
पर कभी-कभी वो शब्द हमारे मन को पनाह नहीं देते।
कुछ दिला देना उनको जज्बात में,
पर कभी-कभी वो लेना नहीं जान पाते जिंदगी की दुआएं।
- ललित दाधीच
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