Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas MishraThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

जीना है जरूरी

जीना है जरूरी

अगर आए हैं इस दुनियां में जीना है जरूरी

अगर रहना है दुनियां में तो हंसना है जरूरी

कुदरत ने सजाई है इन बहारों से ये दुनियां

जीवन, को इन बहारों से, सजाना है जरूरी

क्यूं, घुट-घुट के मरें हम, जमाने के डर से

क्या इस जमाने के सितम सहना है जरूरी

इस अनोखे जगत के, हम हैं आजाद परिन्दे  

इस के आसमां में खुल कर उड़ना है जरूरी

ये जमाने की रस्में और जात धर्म के बंधन

कौन, कहता है संग इन के, रहना है जरूरी

समाज को ये उड़ान कब रास आई है यादव

समाज की इन दीवारों को, गिराना है जरूरी


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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (3)

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मनोज कुमार सोनवानी "समदिल" said

जीना है तो ये सब तो करना ही पड़ेगा। भैया जी खूबसूरत रचना 👌🌹🙏 समाज में बंधनों के खूब सारे दीवार होते हैं, गिराना जरूरी होता है। सुंदर प्रेरणाप्रद रचना 👌🌹🙏🙏

Lekhram Yadav replied

आपका बहुत-बहुत हार्दिक धन्यवाद समदिल भाई आपको सादर नमस्कार

सुप्रिया साहू said

समाज की ये दीवार कब गिरेगी, हम समाज के दीवार को जितना गिराते हैं वो उससे दुगुना बढ़ जाता है, बहुत खूबसूरत रचना सर 👌🏻👌🏻, आपको सादर प्रणाम 🙏🏻🙏🏻।

Lekhram Yadav replied

आपका बहुत-बहुत हार्दिक धन्यवाद एवं सादर नमस्कार

कृष्णा शर्मा said

जीना भी जरूरी हैं 👏👏👏👏
बहुत ही खूबसूरत रचना 👏👏👏
सादर प्रणाम 😊🙏

Lekhram Yadav replied

आपका बहुत-बहुत हार्दिक धन्यवाद एवं स्वागत आपको सादर नमस्कार।

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