जीत जो सबको मिलें
जीतना ही है जहाँ सबकुछ मिलता है,
तब ऐसी जीत सबको मिले,
संसार में मेरा घर था,
परिवार था और दोस्त, रिश्तेदार सब थे,
सब मेहनत भी करते और दिमाग भी लगाते,
और कोई भी चाहता है कि वो खुश रहे
और वहीं वो जीत चाहता है,
इसलिए कहीं बुरा और कुछ अति नजर आता है,
जब जीत से वो जीवित है,
और मेहनत, कर्म, दिमाग लगाता है,
भाव भी है चाहे जैसे निकले हो,
ऐसी जीत सबको मिले
ताकि वो जीवित रहें, हम सब खुश रहें,
और नए का सभी स्वागत करते रहें।
- ललित दाधीच


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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