भले जान चली जाए,
मोहब्बत को छूने से,
भले आँखों में तबाही आ जाए,
तुम्हारे मुड़ने की अदा पे,
इतना न दिल को तराशों,
मोहब्बत के आने से,
इतना न पास आओ,
गुलदस्ता मिल जाने से,
तुम्हारे दिल में गुज़रती नहीं हवाएं,
मेरा दावा है,
तुमसे रातें भी मिलने को,
ज़मीं पर गिड़गिड़ाएं,
मेरा दावा है,
कि ये ज़मीनें,
तुम्हारे पैरों को छूने,
पास आने को बिखरती जा रही है,
मेरा दावा है,
जिंदगी भी ,
तुम्हीं से मोहब्बत करने में,
कहीं हदें ना पार हो जाएं,
मेरा दावा है,
तुम भी कहीं,
खुद की बाहों में,
खुद ही सिमटने ना लगो,
मेरा दावा है,
तुम्हारे पास,
मैं खुद भी,
खुदा की तरह,
निशान ना रखूं,
भले तुमसे,
अधूरी नज़र,
लगने में,
पूरी दुनिया की,
अनजान राहों से,
धोखे धक्के ना खाने लग जाऊं,
इतना ना होश होने दो दिल को,
दिल में प्रेम का बचपन,
ना लौट पाएं,
इतना ना तराशों दिल को,
मोहब्बत जगह ना दें पाएं।।
- ललित दाधीच


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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