भूल जाने का दिखावा फरेब रहा।
यादो में रहने वाला पराया कब रहा।।
दिल की आग बुझाए कभी आकर।
यों जलाने का हुनर पहले कब रहा।।
हसरतो की लौ में कई गम जल रहे।
मुझे फिक्र है सुकून पहले कब रहा।।
मीलों का फ़ासला ग़ज़ल समझा रही।
ग़ज़ल का बुलबुला पहले कब रहा।।
इश्क कैद में है 'उपदेश' क्या लगता।
आदतन चुस्त-दुरुस्त पहले कब रहा।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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