"हिंदी साहित्य"
हिंदी साहित्य की धारा,
व्याकरण का आधार है।
रस का समंदर,
छंद का संगीत है।
अलंकारों का सौंदर्य,
शब्दों का संगीत है।
निबंध का विस्तार,
कविता का प्राण है।
साहित्य रस का आनंद लेती,
छंद का संगीत सुनती।
अलंकारों का सौंदर्य देखती,
शब्दों का अर्थ समझती।
हिंदी साहित्य की शक्ति,
संस्कृति का आधार है।
भाषा का सौंदर्य है,
जीवन का सार है।
हिंदी साहित्य की विरासत,
प्राचीन और नवीन का संगम है।
कवियों की कृतियों में,
जीवन का सत्य और सौंदर्य है।
हिंदी साहित्य की यात्रा,
अनवरत और अनंत है।
कवियों की कृतियों में,
जीवन का अर्थ और उद्देश्य है।
हिंदी साहित्य के कवियों ने,
जीवन के हर पहलू को गाया।
प्रेम, श्रृंगार, और विरह,
सभी को कविता में पिरोया।
हिंदी साहित्य की भाषा,
सुंदर और सरल है।
हिंदी साहित्य की गौरव,
अनमोल और अनंत है।
हिंदी साहित्य के पन्नों में,
जीवन की कहानी है।
हिंदी साहित्य के शब्दों में,
जीवन का संदेश है।
हिंदी साहित्य के अध्याय,
जीवन के अनुभव हैं।
हिंदी साहित्य की परंपरा,
अनवरत और अनंत है।
हिंदी साहित्य की धारा,
कबीर, तुलसी, सूर की कहानी हैं।
भक्ति, प्रेम, राष्ट्रवाद का संगम,
हिंदी साहित्य का अनमोल दर्पण हैं।
आदिकाल से आधुनिक काल तक,
हिंदी साहित्य की यात्रा अनंत है।
वीरगाथाओं से लेकर नई कविता तक,
हिंदी साहित्य की महिमा अनंत है।
आधुनिक काल की खड़ी बोली,
यथार्थवाद और भारतेंदु युग।
छायावाद और नई कविता,
हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा हैं।
हिंदी साहित्य की सांस्कृतिक चेतना,
भारतीय ज्ञान, दर्शन और मानवीय
संवेदनाओं का चित्रण हैं।
गद्य और पद्य की समृद्ध परंपरा,
कहानी, उपन्यास, नाटक, निबंध और कविता है ।
रचनाकार -पल्लवी श्रीवास्तव
ममरखा, अरेराज,पूर्वी चम्पारण( बिहार )


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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