कविता:जय श्री राधे कृष्ण
दिनांक: 27/04/2026
तन मन में राधे कृष्ण घट घट में राधे कृष्ण।
मिलकर सब बोलो जय जय जय श्री राधे कृष्ण।
गीता में है राधे कृष्ण मथुरा में है राधे कृष्ण।
इस धरती के कण कण में है राधे कृष्ण।
वृंदावन की कुंज गली में रास रचाते राधे कृष्ण।
ग्वालों संग खेल खेलते गाय चराते राधे कृष्ण।
गोवर्धन की परिक्रमा में बोल रहे सब राधे कृष्ण।
सनातन संस्कृति की लाज बचाते राधे कृष्ण।
भारत भूमि की महिमा में चार चांद लगाते राधे कृष्ण।
अब तो विदेशी गोरे भी जपते है राधे कृष्ण।
इस दुनिया में चमत्कार दिखाते है राधे कृष्ण।
महिमा राधे कृष्ण की कोई जान सके।
दूध दही माखन नन्हे बच्चों में दिखते राधे कृष्ण।
प्रेम अनुराग स्नेह की मूरत है राधे कृष्ण।
अत्याचारी को मार डालते प्राण हर लेते है राधे कृष्ण।
सब मिलकर बोलो जय जय जय श्री राधे कृष्ण।
सत्यवीर वैष्णव बारां
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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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