जो समझ ले मेरे ये अल्फाज़ और समझ कर अमल में लाए कामयाब माना जायेगा
दौलत से मोहब्बत करने वाले में इंसानियत की पहचान नहीं होती है
धन बुरा नहीं होता पैसे का गलत इस्तीमल करना बहुत बुरा होता है
हसद और हवस रखने वाले को कोई मंज़िल नहीं दिखता सिवा बेचैनी के
बेचैन दिल में न मोहब्बत न चेहरा पर मुस्कान होता ज्ञानी लोग भांप लेते हैं
पढ़ा लिखा गुमराह और ज़ाहिल जी हजूरी और हां में हां करना ये पहचान है
किसी के हां में हां करने वाले लोग जीवन में अपनी पहचान नहीं बना सकता
जान और पहचान की मतलब कुछ लोग समझते हैं सभी के लिए आसान नहीं
सच्चे के साथ सभी रहना चाहते अपनी पहचान बनाने केलिए मगर वे नहीं चाहते
धन का होना न कामयाब न ही अच्छा होने का पहचान है कभी आ सकता जा सकता है
जो समझ ले मेरे ये अल्फाज़ और समझ कर अमल में लाए कामयाब माना जायेगा
वसी अहमद क़ादरी । वसी अहमद अंसारी
दरवेश । लेखक । पोशीदा शायर


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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