एक धागा, दो धागे,
तीन, चार, और अधिक धागे
धागों के हर रेशे में, समाहित हैं,
एक साधना, एक तपस्या
एक समर्पण, एक पूजा
और एक संकल्प
साधना- स्नेह सागर की
अनुपम विशालता को
यथावत् बनाए रखने की
तपस्या- हृदय में विराजित
पवित्र बंधन की अनमोल
शाश्वत पुनीत भावना के
पुनर्सृजन की
समर्पण- अद्भुत अकल्पनीय
स्नेह सुधा के अमरत्व को
त्रैकालिक बनाए रखने की
पूजा- ईश्वर के सृजन की
की इस जीवन दायिनी
सुरभि को सदा अक्षुण्ण
बनाए रखने की
संकल्प- भाई -बहन की
रगों में बहती निश्छलता,
कोमलता, स्नेह सीमा की
पराकाष्ठा, सुखद लौकिक
अनुभूतियों की मौन गर्जन को
धरती ,गगन, दिशा-दिशा में
विस्तारित करने की
राखी एक त्योहार ही नहीं है,
एक बहुमूल्य धरोहर है
हमारी संस्कृति की।।
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







