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Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

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The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

बाप की छांव

बाप की छांव मे
बच्चा बडे चैन से सोता है
बाप की आंखो से ही
अपना हर सपना देखता है

चलता है बच्चा जीन राहों पर
उनका साया साथ साथ चलता है
देखता है मैफुज खुद को
जब बाप उसके साथ रहता है

ये वो छांव है जिसमे
दुनियां का हर इनसान रहेना चाहता है
तरसता है उनकी छांव को
जो बच्चा बाप के बगैर रहता है

बाप वो दौलत है
बच्चा उसमे मालामाल रहता है
फटे कपडो मे भी
बाप बादशाह सा जजता है

बाप के पास बच्चों की
खुशियों की चावी होती है
बाप के लाये फुटाने मे भी
कितनी सारी बरकत होती है




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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (4)

+

वन्दना सूद said

बहुत सही कहा आपने ये रिश्ते ऐसे हैं जो उम्र के हर मोड़ पर एक अनकही सुरक्षा का एहसास कराते हैं

जयश्री विलास जोधंळे said

धन्यवाद वंदना जी

मनोज कुमार सोनवानी "समदिल" said

अतिसुंदर अतिसुंदर 👌🙏 जयश्री जी, पिता के साये में ही परिवार अनुशासित और उत्साहित रहता है। बाप के लिए फुटाने में भी, कितनी सारी बरकत होती है। सुंदर पंक्ति। जयश्री " फुटाने" क्या होता है, प्लीज़,..........🌹🙏🙏🙏🙏

जयश्री विलास जोधंळे said

पहेले तो मनोज जी आपका धन्यवाद, फुटाने चने से बनाये जाते है जो अक्सर पार्क, या मार्केट मे मिलते है पिता अपने बच्चो को श्याम काम से आते वक्त पांच दस रुपये मे लाते है घर के सारे लोग खाते है इसलिए मैने कहा बाप के लाये फुटाने मे भी बरकत होती है

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