बाप की छांव मे
बच्चा बडे चैन से सोता है
बाप की आंखो से ही
अपना हर सपना देखता है
चलता है बच्चा जीन राहों पर
उनका साया साथ साथ चलता है
देखता है मैफुज खुद को
जब बाप उसके साथ रहता है
ये वो छांव है जिसमे
दुनियां का हर इनसान रहेना चाहता है
तरसता है उनकी छांव को
जो बच्चा बाप के बगैर रहता है
बाप वो दौलत है
बच्चा उसमे मालामाल रहता है
फटे कपडो मे भी
बाप बादशाह सा जजता है
बाप के पास बच्चों की
खुशियों की चावी होती है
बाप के लाये फुटाने मे भी
कितनी सारी बरकत होती है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







