ज़िंदगी तुम्हारी अपनी है,
इसे प्यार से सँवारकर रखना,
राहों में चाहे दर्द मिलें,
होंठों पर मुस्कान रखना।
ख़्वाब तुम्हारे अपने हैं,
इनको दिल के पास रखना,
टूटने लगें हौसले कभी,
उम्मीदों की लौ जलाए रखना।
मिले नफ़रत अगर ज़माने से,
दिल में प्रेम अपार रखना,
वक़्त चाहे जैसा भी हो,
ख़ुद पर थोड़ा विश्वास रखना।
दामन में अपने सदा,
गुलाब ही गुलाब रखना,
ख़ुद भी महकना प्यार से,
औरों के लिए भी ख़ुशियों के
कुछ फूल सँभालकर रखना।
-सरिता पाठक
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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