अहिस्ता - अहिस्ता
🌷🌷🌷
अहिस्ता-२ चल तू ए तीक्ष्ण जिन्दगी,
वक्त के घावों पर मरहम लगाने तो दे,
दिल-ओ-दिमाग से बोझिल यादों को,
वक्त की डोरी में क्रमवार पिरोने तो दे !
✒️ राजेश कुमार कौशल

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
अहिस्ता - अहिस्ता
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अहिस्ता-२ चल तू ए तीक्ष्ण जिन्दगी,
वक्त के घावों पर मरहम लगाने तो दे,
दिल-ओ-दिमाग से बोझिल यादों को,
वक्त की डोरी में क्रमवार पिरोने तो दे !
✒️ राजेश कुमार कौशल
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