घायल दिल रखा हूं इलाज की जरूरत है मुझे,
खुद की दुआ को हाथ उठ न रहे अब मेरे,
तेरे नमाज़ की जरूरत है मुझे,
अश्क, अल्फाज़,एहसास, आरजू सब ले आया हूं घर से,
बस एक शायराना अंदाज की जरूरत है मुझे।
--- कमलकांत घिरी

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
घायल दिल रखा हूं इलाज की जरूरत है मुझे,
खुद की दुआ को हाथ उठ न रहे अब मेरे,
तेरे नमाज़ की जरूरत है मुझे,
अश्क, अल्फाज़,एहसास, आरजू सब ले आया हूं घर से,
बस एक शायराना अंदाज की जरूरत है मुझे।
--- कमलकांत घिरी
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