घर के गैर आशिक
"तुमने देखा मेरा एक खाली सा घर,
जिसमें रहता था कोई अजनबी सा शख्स।
बातें उसकी वो करता जैसे उसका था घर,
घर में कोई भी हो ये उसको क्या खबर।
घर से निकला नहीं, घर में ही बसा ली दुनिया,,
मासूम भी नहीं ना चालाकी दिखे,
कैसा प्रेमी है जो उसका चेहरा ना देखे।
ऐसा प्रेमी है जो आईना भी छुपा ले,
घर वो भी था पर कभी दिखता नहीं,
ऐसे आशिकों का घर कभी मिलता नहीं।।"
- ललित दाधीच


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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