तेरी आँखों में प्रेम के फूल कभी मुरझाता नहीं
एहसास बनके सदा तेरे होठों पे खिल जाऊँगा
तेरे हृदय में एक धड़कन बनकर नहीं
होंसला बनके सदा तेरी यादों में मिल जाऊँगा
तेरे क्रोध में आग के चिराग बनकर नहीं
चांदनी बनके सदा तेरी साँसो पे गल जाऊँगा
तेरी कहानी में सिर्फ कहावत बनकर नहीं
सफर बनके सदा तेरे साथ ही साथ चल जाऊँगा
तेरी हमदर्द में हमसफर बनकर नहीं
पुरानी दोस्त बनके तेरी राह में ढल जाऊँगा ॥


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







