दिल में रहकर दिल पे वार करते हो,
मुझ से क्यों बेशुमार प्यार करते हो,
अंगड़ाइ लेके सुबह की धूप मलते हो,
अये हुस्न परी तुम क्या दीदार करते हो,
होठों की मुस्कान से चेहरा खिलता है,
ये निगाहों पे तीर तुम हजार करते हो,
टिमटिमाते दीपक की लौ के जैसी हो,
जल जाए एक बार तो रोशनी करते हो,
ये क्या जादू है आंखों में तुम्हारी सनम,
हम सब जाते हैं तुम ऐसा क्या करते हो,
इस सफर में तुम हमसफर बन जाना,
कहते हैं लोग सुप्रिया से प्यार करते हो...।।
- सुप्रिया साहू


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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