देखत रहेव में ध्यान से ओला
वो मुड़ म पागा बांधे खड़े रीहिस
आंखी ह करिया - करिया बड़ सुग्घर दिखत रीहिस....।।
मैं जान नई पायेव वो कोन रीहिस
वो तिरछा नजर करके...
दिल ले दिल के तार जोड़त रीहिस....।।
- सुप्रिया साहू

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
देखत रहेव में ध्यान से ओला
वो मुड़ म पागा बांधे खड़े रीहिस
आंखी ह करिया - करिया बड़ सुग्घर दिखत रीहिस....।।
मैं जान नई पायेव वो कोन रीहिस
वो तिरछा नजर करके...
दिल ले दिल के तार जोड़त रीहिस....।।
- सुप्रिया साहू
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