कविता:दया कर
दिनांक:08/06/2026
चमत्कार कर, दया कर माधव, बिलख रहा संसार,
पाप-अनाचार बढ़ रहा, कष्टों में परिवार।
नारी की आबरू खतरे में, मिट रहा है सदाचार,
चक्रधारी अब चक्र चलाओ, दिखाओ चमत्कार।
गरीब सुदामा को मित्र बनाया, किया बड़ा उपकार,
गोवर्धन उंगली पर उठाया, टाला नरसंहार।
कंस को मारा, पल में मिटाया दुष्ट का अत्याचार,
दया करो, संस्कार बचाओ, भारतमाता की पुकार।
राजनीति की इस कीचड़ में, ले लो दिव्य अवतार,
भूखे भेड़ियों को पहचानो, उन पर करो प्रहार।
कलयुग के इस घोर तिमिर में, तुम ही हो पतवार,
जन-जन की बस यही पुकार, जन-जन की यही पुकार।
अभिमन्यु वध पर मौन रहे तुम, क्या था तब विचार?
कर्म किए जाएँ, फल न भोगें, कैसा यह संसार!
ईमानदारी की राह पर, सहते रहे हम अत्याचार,
दया करो हे कृष्ण मुरारी, अब तुम ही करो उद्धार।
सत्यवीर वैष्णव बारां राजस्थान 💞✒️💞


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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