Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas MishraThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

बारिश की रात सुहानी

बरसाती है याद पुरानी
ये बारिश की रात सुहानी।

कभी तेज बौछारें बनकर
गोरी मस्त फुहारें बनकर,
बारिश की ये बूंदे आतीं
झिलमिल तारों में से छन कर।

जाने किसके इंतजार में
जागा करती प्रेम दीवानी।

ये बारिश की रात सुहानी।

झूम झूम कर बादल आते
फिर रिमझिम के गीत सुनाते,
लोक नृत्य करती बीजुरिया
नभ में मेघ मृदंग बजाते।

चांद चांदनी की लिखती है
ये बूंदों से प्रेम कहानी।

गीतकार अनिल भारद्वाज एडवोकेट हाईकोर्ट ग्वालियर म.प्र.

सर्वाधिकार सुरक्षित रचनाकार




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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (5)

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मनोज कुमार सोनवानी "समदिल" said

प्रथम पंक्ति से लेकर अंतिम पंक्ति तक पावस ऋतु का अद्भुत सौदर्य और और सौदर्य में डूबी नहायी प्रेम दीवानी। हर पंक्ति लाजवाब, बेहद खूबसूरत दिल को ताल तरंगों की तरह छूती हुई। लोकनृत्य करती बिजुरिया नभ में मेघ मृदंग बजाते। सर पंक्ति तो मन को झूमने पर मजबूर कर दिया। हमें खुद पर गर्व होता है कि इस महफ़िल में आप जुड़े हैं। सर इस पटल पर मेरी एक रचना है "भोर की अगली बेला" मेरी इच्छा है कि आप वो पढ़े और आशीर्वाद के दो शब्द लिखें। ये शीर्षक मेरी आने वाली काव्य संग्रह का नाम भी है, जिसमें प्रकृति सौंदर्य और संरक्षण पर 70 कविताएँ है। आज की सुबह की सुनहरी किरणें आपके जीवन में नयी चमक लेकर आए!!

अनिल भारद्वाज एडवोकेट said

मनोज कुमार जी बहुत-बहुत धन्यवाद इतनी बेहतरीन समीक्षा के लिए। आपकी समीक्षा रचना के उन पहलुओं को भी दर्शित करती है जिन्हें रचनाकार ने केवल अपने बाबू तक ही दर्शाया हो। धन्यवाद।

कृष्णा शर्मा said

मुहब्बत और कुदरत का अनोखा संगम 👏👏👏
बहुत ही खूबसूरत रचना 👏👏👏

अनिल भारद्वाज एडवोकेट said

बहुत सुंदर समीक्षा हार्दिक धन्यवाद कृष्णा जी

सुप्रिया साहू said

वाह वाह वाह.... मोहब्बत से लतपथ और बारिश की इस सुहानी रात में कोई दीवानी जागकर अपनी प्रिय का इंतजार कर रही है, जो बादल झूमकर गीत सुना रही है, मृदंग बजा रही है वही बादल बारिश की फुहारों में नृत्य भी कर रही हैं और सबको रिझा रही है, बहुत खूबसूरत रचना सर 👌👌, आपको सादर प्रणाम 🙏🙏।

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