मेरे पिता मुहम्मद मुस्लिम अंसारी ने कहा बेटा नौकरी न करना
नौकरी जहनी गुलामी है ताना बाना सभी का सुनना होता है ।
सच बोलो ईमानदार बनो किसी का कत्ल ना करो
मौत कहकर नहीं आती जवान हो या बूढ़े याद रखना
काम करो बुद्धि से जीवन जियो सुद्धि से आह से बचो
सुन लेना ,सलाह देना आसान है सिर्फ़ दूसरे तक केलिए
सलाह देने से बचो गर तुम्हारा अमल न हो इसमें भलाई है
एक झूठ से सैकड़ो घर बर्बाद होता है पहले ये सोचना होगा
स्वस्थ रहने अनोखा काम करने के लिए किसी का हक़ मारने से बचना
अपनी दुःख तकलीफ़ किसी को बताने से सही जीवन जीना मुश्किल होगा
एक उसूल सच्चाई वो ईमानदारी के साथ जीवन गुजारना यही कामयाबी है
मेरे पिता मुहम्मद मुस्लिम अंसारी ने कहा बेटा नौकरी न करना
नौकरी जहनी गुलामी है ताना बाना सभी का सुनना होता है
हम जहाज़ के इंजीनियर थे अहसास हुआ इस्तीफ़ा दे दिया
शिक्षा से खुदा और उसके बंदे को पहचाना जा सकता है यकीनन
अक्ल से किसी चीज़ का ख़ोज और इजाद संभव होसकता है
जेहन बना रहे यानी कम मिलना और कम बोलना लाज़मी है
खूब बोलने वाला तर्क पर तर्क देने वाले को कोई मंज़िल नहीं दिखता
दिखता है बहुत कुछ है उसे जिसका दिमाग़ ख़ामोश होता हर समय
समय पर किसी मंच पर दो घंटा स्पीच देना अच्छा है गर टॉपिक वजनदार हो
मेरे पिता मुहम्मद मुस्लिम अंसारी ने कहा बेटा नौकरी न करना
नौकरी जहनी गुलामी है ताना बाना सभी का सुनना होता है ।
वसी अहमद क़ादरी । वसी अहमद अंसारी
मुफक्कीर ए कायनात । मुफक्कीर ए मखलूकात
दरवेश । लेखक । पोशीदा शायर


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







