एक आदमी कार से मेरे घर पर आया
मुझे पकड़ जबर्द स्ती उसने कार पर बैठाया
और बोला, तुझे मैंने तेरे घर से लिया है
तू मेरे कब्जे में है तेरा अपहरण किया है
थोड़ी देर में वह एक खंडर में लगता है
वहां पर वह मेरे कनपटी पर पिस्तौल रखता है
और बोलता एक लाख रुपए मेरे जेब में भरेगा
तभी तू बचेगा नहीं तो साले मरेगा
मैं बोला, देख भाई नहीं करता बात लम्बी चौड़ी
तुझको तो दूंगा नहीं एक भी फूटी कौड़ी
वह बोला, अब तो यार तू गोली खाएगा
सोच सोच सोचले सीधा ऊपर जाएगा
मैं बोला, फिर जी कर भी क्या करना?
एक दिन तो है मुझको मरना
मारना है तो मार कुत्ते कमीने काले
फिर मुझे काट कर मेरी चट्नी खाले
फिर मुझे काट कर मेरी चट्नी खाले.......
----नेत्र प्रसाद गौतम


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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