चाहकर भी उन्हें ना अपनाना, अजीब कश्मकश है!
भूलकर भी उन्हें ना भूल पाना, अजीब कश्मकश है!
दीवारें बंधनों की इतनी ऊंची बना दी ज़माने वाले,
तोड़कर इसे पार कर जाना, अजीब कश्मकश है!
चंद रूहानी लम्हों का खजाना जो उनके साथ मिलकर,
हासिल तो हुआ पर सम्हाल पाना, अजीब कश्मकश है!
दिल तो नादान है पर, ये नादानी को समझेगा कौन,
यही बात दिल पर उतार पाना, अजीब कश्मकश है!
ये कहां आकर फंस गए हम, जिंदगी की जंजाल में,
तड़पना भी और मुस्कुरा पाना, अजीब कश्मकश है!!
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







