" कागज के शायर तो मजदूर हैं कुछ भी लिख भी लिख देते हैं दर्द में,"
"ऐ खुदा तुने मुझे क्या कर दिया,
ऐतबार तेरा मुझसे क्यों हो गया,
ऐ खुदा तुने मुझे क्या कर दिया,
इश्क़ पे तेरा हाल क्यों छोड़ूं में,
नादान नजरों में, मैं तेरा कातिल हूँ मैं,
ऐ खुदा तुने मुझे क्या कर दिया,,
क्या कर दिया,"
"चेहरे, बदल जाएंगे,,
नाम आएंगे जाएंगे,,
खुदा ज़रूर छुएगा तुम्हें,
तब नज़ारे समझ आएंगे।"
"भंवरा हूँ मैं बातों का , भुलावा हूँ इश्क़ का, नादानियों का समंदर भी हूँ,
आदतों से पुरानी हरकतें हूँ,
मेरा नाम मुझसे ज्यादा इतराता है,
तेरा हाथ बढ़ाना लाजमी हो गया,
तेरा साथ मेरा नाम छुपाना,
नजराना हो गया,
रोता हूँ हँसना रोजाना हो गया,
आदमी नजरों से गिरा हूं,
अब तेरा आशिक हूं,
क्या तुझे बुलाना गुनाह हो गया,
ऐ खुदा तुने मुझे क्या कर दिया,
ऐ खुदा तुने मुझे क्या कर दिया,
क्या कर दिया।।"
"बहुत कहा मुझे किसी ने,
बहुत कहते भी जाएंगे,
तुम यहाँ बैठे हो,
बताओ क्या बात करनी है।"
"ऐ खुदा तुने मुझे क्या कर दिया,
क्या कर दिया।।""**_
- ललित दाधीच


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







