Newहैशटैग ज़िन्दगी पुस्तक के बारे में updates यहाँ से जानें।


Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat


Show your love with any amount — Keep Likhantu.com free, ad-free, and community-driven.

Show your love with any amount — Keep Likhantu.com free, ad-free, and community-driven.



The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

Newहैशटैग ज़िन्दगी पुस्तक के बारे में updates यहाँ से जानें।

Newसभी पाठकों एवं रचनाकारों से विनम्र निवेदन है कि बागी बानी यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करते हुए
उनके बेबाक एवं शानदार गानों को अवश्य सुनें - आपको पसंद आएं तो लाइक,शेयर एवं कमेंट करें Channel Link यहाँ है

The Flower of Word by Vedvyas MishraThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

आपको ख़ुद से प्यार करना सिखाना है

मुझे आपको आपसे मिलवाना है,
आपको ख़ुद से प्यार करना सिखाना है।
चाहे करना पड़े मुझे आपसे प्यार,
पर मुझे आपको खुशियां तमाम देना है।

यूं घुट - घुट जो अकेले - अकेले रहते हैं,
है नहीं कोई जिसे आप अपना दर्द कह सके।
चलिए अब ना टूटिये, अब हम है ना,
अब गए वो दिन जब आप अकेले दर्द सहते थे,
जब आप बंद कमरे में अकेले - अकेले रोते थे।

अब खुश हो जाइए आ गए हम
बताइए क्या दर्द है?,क्या - क्या किए ज़माने ने सितम?
अपना समझेंगे आपके दर्द को और महसूस करेंगे,
फिर कभी भटकने भी नहीं देंगे
आपके आसपास कोई ग़म।

बताइए अपने दिल में दबा बरसों का दर्द,
दिल से बड़ी शिद्दत से सुनेंगे उसे हम।
बताते बताते रोना भी आएगा
आज आख़िरी बार रो लीजिए,
आगे फिर कभी आपकी आंखों में एक आंसू
भी नहीं आने देंगे हम।

अब हम आपको हर दर्द से बाहर निकालेंगे,
अब ना कभी आपको रत्ती भर दर्द होने देंगे।
हमेशा अपनी पनाह में ज़माने के दर्दों ग़म से
दूर आपको रखेंगे,
ज़माने का दिया कोई भी घाव आप तक ना पहुंचने देंगे।

अब एक नई दुनियां में आ गए हैं आप,
जहां हैं हम और बस आप।
और भी है वैसे तो कई हमारे आसपास
पर हम उनसे अनजान बस अपनी ही
एक अलग दुनियां में रहेंगे,
अब हम आपको एक हसीं खुशनुमा जहां देंगे।

💐 रीना कुमारी प्रजापत 💐


यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है


समीक्षा छोड़ने के लिए कृपया पहले रजिस्टर या लॉगिन करें

रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (7)

+

सरिता पाठक said

अति सुन्दर अति सुन्दर रचना, यकीन नहीं होता मेरी प्यारी सी छोटी बहन ne इतनी सुन्दर रचना लिखी है दिल खुश कर दिया रीना, कोई दर्द का साथी मिल जाय इससे अच्छी और क्या बात हो सकती है, दिल से लिखी गयी रचना दिल को छू गयी सर्वश्रेष्ठ 👌👌👌🌹🌹❤️❤️

रीना कुमारी प्रजापत replied

🥰🥰 बहुत बहुत धन्यवाद दीदी जी आपका... मेरी कविता आपको इतनी अच्छी लगी आपके दिल को छू गई मेरी कलम धन्य हो गई

Vanshika Jethani said

Vaah Reena ji , bahut khubsurat rachna 👍👌👌👌❤️🥰

रीना कुमारी प्रजापत replied

धन्यवाद जी

जयश्री विलास जोधंळे said

हाँ आपने सही कहा हमे आपने आप से प्यार करना चाहिए थोडा सा मुश्कील है पर नामुमकिन नही ,रचना बहुत खुबसुरत लिखी जिने के लिए एक नई किरण अति सुदंर

रीना कुमारी प्रजापत replied

आभार आपका 🙏

वन्दना सूद said

शानदार रचना 👏👏

रीना कुमारी प्रजापत replied

शुक्रिया जी

श्रेयसी said

ये तो बहुत अच्छी बात कही आपने रीना जी बहुत सुंदर बहुत ख़ूब 🙏🙏

रीना कुमारी प्रजापत replied

आभार आपका 🙏

मनोज कुमार सोनवानी "समदिल" said

दूसरों का दर्द मिटाकर खुशियां भरने की चाहत, रचना की हर पंक्ति जैसे उत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रित कर रही हो। रचना में निहित समर्पण भाव सबको अपनी ओर खींच रही हो। सुंदर और प्यारी कविता। सादर प्रणाम 🙏🙏🌹

रीना कुमारी प्रजापत replied

जी बहुत बहुत शुक्रिया आपका इतनी सुंदर समीक्षा के लिए... आपको भी सादर प्रणाम

Gitanjali gavel said

बहुत सुंदर और सुकून देने वाली रचना। खुद से प्यार करना सिखाने वाला भाव मन को छू गया।

कविताएं - शायरी - ग़ज़ल श्रेणी में अन्य रचनाऐं




लिखन्तु डॉट कॉम देगा आपको और आपकी रचनाओं को एक नया मुकाम - आप कविता, ग़ज़ल, शायरी, श्लोक, संस्कृत गीत, वास्तविक कहानियां, काल्पनिक कहानियां, कॉमिक्स, हाइकू कविता इत्यादि को हिंदी, संस्कृत, बांग्ला, उर्दू, इंग्लिश, सिंधी या अन्य किसी भाषा में भी likhantuofficial@gmail.com पर भेज सकते हैं।


लिखते रहिये, पढ़ते रहिये - लिखन्तु डॉट कॉम


LIKHANTU DOT COM © 2017 - 2026 लिखन्तु डॉट कॉम
Designed, Developed, Maintained & Powered By HTTPS://LETSWRITE.IN
Verified by:
Verified by Scam Adviser
   
Support Our Investors ABOUT US Feedback & Business रचना भेजें रजिस्टर लॉगिन