मुझे आपको आपसे मिलवाना है,
आपको ख़ुद से प्यार करना सिखाना है।
चाहे करना पड़े मुझे आपसे प्यार,
पर मुझे आपको खुशियां तमाम देना है।
यूं घुट - घुट जो अकेले - अकेले रहते हैं,
है नहीं कोई जिसे आप अपना दर्द कह सके।
चलिए अब ना टूटिये, अब हम है ना,
अब गए वो दिन जब आप अकेले दर्द सहते थे,
जब आप बंद कमरे में अकेले - अकेले रोते थे।
अब खुश हो जाइए आ गए हम
बताइए क्या दर्द है?,क्या - क्या किए ज़माने ने सितम?
अपना समझेंगे आपके दर्द को और महसूस करेंगे,
फिर कभी भटकने भी नहीं देंगे
आपके आसपास कोई ग़म।
बताइए अपने दिल में दबा बरसों का दर्द,
दिल से बड़ी शिद्दत से सुनेंगे उसे हम।
बताते बताते रोना भी आएगा
आज आख़िरी बार रो लीजिए,
आगे फिर कभी आपकी आंखों में एक आंसू
भी नहीं आने देंगे हम।
अब हम आपको हर दर्द से बाहर निकालेंगे,
अब ना कभी आपको रत्ती भर दर्द होने देंगे।
हमेशा अपनी पनाह में ज़माने के दर्दों ग़म से
दूर आपको रखेंगे,
ज़माने का दिया कोई भी घाव आप तक ना पहुंचने देंगे।
अब एक नई दुनियां में आ गए हैं आप,
जहां हैं हम और बस आप।
और भी है वैसे तो कई हमारे आसपास
पर हम उनसे अनजान बस अपनी ही
एक अलग दुनियां में रहेंगे,
अब हम आपको एक हसीं खुशनुमा जहां देंगे।
💐 रीना कुमारी प्रजापत 💐
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







