आना है जिनको, वो आ ही जायेंगे देर सवेर से।
कुछ हांसिल नही होगा तुम्हें,झूठ के हेर-फेर से।।
जो कैद-ए-बाम-ओ-दर हैं उनसे कुछ ना पूछो।
यूं क्यूं लड़ना चाहते हो गम-ए-हिज्र के शेर से।।
यूनुस खान

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
आना है जिनको, वो आ ही जायेंगे देर सवेर से।
कुछ हांसिल नही होगा तुम्हें,झूठ के हेर-फेर से।।
जो कैद-ए-बाम-ओ-दर हैं उनसे कुछ ना पूछो।
यूं क्यूं लड़ना चाहते हो गम-ए-हिज्र के शेर से।।
यूनुस खान
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