रंग-बिरंगी तितली रानी 🦋
तितली रानी, तितली रानी,
रंग-बिरंगी तितली रानी।
कितनी सुंदर, कितनी प्यारी?
फूलों की तू राजदुलारी।
कभी इधर तो कभी उधर,
उड़ती रहती डगर-डगर।
फूलों पर करती मनमानी,
तितली रानी, तितली रानी।
पास बुलाऊँ तो आ जाती,
देख मुझे फिर तू शरमाती।
ऐसे न कर तू नादानी,
तितली रानी, तितली रानी।
पंखों पर रंगों की छटा,
जैसे नभ में इंद्रधनुष सजा।
मुझसे करती आँख-मिचौनी,
तितली रानी, तितली रानी।
बच्चों के तू मन को भाती,
उनको संग में खेल खिलाती।
पीली, लाल और भूरी सी,
गुलाबी, नीली, काली-सी।
आसमानी रंग निराला,
लगता जैसे कोई उजियाला।
रंगों की तू है महारानी,
तितली रानी, तितली रानी।
फूलों का तू रस पीती है,
बागों में खुशियाँ भरती है।
फूल-फूल पर जाती मंडराती,
मधुर-मधुर संदेश सुनाती।
कहती—“प्रकृति से प्यार करो,
पेड़-पौधों का मान करो।”
सबको देती यही निशानी,
तितली रानी, तितली रानी।
नन्हे पंखों से उड़ जाती,
सतरंगी सपने दे जाती।
जहाँ-जहाँ तू पंख पसारे,
खिल उठते हैं फूल हमारे।
तेरी सुंदर उड़ान निराली,
तू है प्रकृति की नन्ही लाली।
सबके मन की तू है रानी,
रंग-बिरंगी तितली रानी। 🦋
रचनाकार :- डॉ. मयंकेश कुमार दुबे (शिक्षक एवं लेखक)
एम.ए. इतिहास(गोल्ड मेडलिस्ट )
औलेंडा,आगरा, उत्तर प्रदेश
मो. :-8630291252, 8979776231


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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